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फ़रवरी 4, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अस्तित्व की लड़ाई: खुद को खोने का सफ़र

" आख़िरी अध्याय " मै अपनी कहानी के आखिरी अध्याय में स्वयं को हर सामाजिक बंधन से मुक्त लिखना चाहूंगी.. जहां कोई नाम.. कोई पहचान.. कोई परछाई.. मेरे अस्तित्व को परिभाषित न करें! जहां मै, सिर्फ मै रहूं! जहां सपनों की कोई सीमाएं न हो.. जहां उड़ान की दिशा मै ख़ुद चुनूं.. जहां मेरे शब्द, मेरे जज़्बात... किसी रिश्ते या नियम की क़ैद में न हो! जहां मेरे हर फ़ैसले का आधार मेरा मन हो.. न कोई आलोचना.. न कोई अपेक्षा.. मै चाहती हूं मेरा आख़िरी अध्याय ऐसा हो.. जहां मै ख़ुदको इंसान लिखूं बिना किसी संबोधन के... __sonia ...

The Last Chapter: A Journey Beyond

" आख़िरी अध्याय " मै अपनी कहानी के आखिरी अध्याय में स्वयं को हर सामाजिक बंधन से मुक्त लिखना चाहूंगी.. जहां कोई नाम.. कोई पहचान.. कोई परछाई.. मेरे अस्तित्व को परिभाषित न करें! जहां मै, सिर्फ मै रहूं! जहां सपनों की कोई सीमाएं न हो.. जहां उड़ान की दिशा मै ख़ुद चुनूं.. जहां मेरे शब्द, मेरे जज़्बात... किसी रिश्ते या नियम की क़ैद में न हो! जहां मेरे हर फ़ैसले का आधार मेरा मन हो.. न कोई आलोचना.. न कोई अपेक्षा.. मै चाहती हूं मेरा आख़िरी अध्याय ऐसा हो.. जहां मै ख़ुदको इंसान लिखूं बिना किसी संबोधन के... __sonia ...

अधूरी किताब: कुछ अफ़साने ख़त्म नहीं होते.

कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में यूँ दाख़िल होते हैं... जैसे कोई अधूरी किताब... हर सफ़्हे पर कुछ ऐसा तहरीर कर जाते हैं, जो ता-उम्र ख़त्म नहीं होता... उनसे जो गुफ़्तगू अधूरी रह गई थी, वो हर रात तख़य्युल में मुख़ातिब होती है... उनका जाना महज़ एक फ़ासला है, इश्क़ तो आज भी यहीं कहीं रुका हुआ है... कई बार सोचती हूँ — अब न सोचूँगी, मगर दिल मानता कहा है? आज भी जब ख़ुद से गुफ्तगू होती है.. तो उसकी कोई बात, कोई मुस्कान, कोई लफ़्ज़ साथ होता है... जैसे वो रुख़्सत नहीं हुआ, बस मुझमें कहीं खो गया है... शायद कुछ रिश्ते ऐसे ही होते हैं, इंतज़ार से वजूद पाते हैं.. और इंतज़ार ही उनकी आख़िरी मंज़िल बन जाता है... ❦ लेखक को प्रोत्साहित करें ❤️ अगर यह रचना आपके दिल को छुई, तो आप एक छोटा सा योगदान दे सकते हैं। Support via Razorpay ☕ S...

Ekant hi Sukh Hai - Deep Shayari by Sonu

एकांत सुख हैं... एकांत दुःख है...!🫠🥀 एकांत में कुछ नही.... फिर भी एकांत सब कुछ है...!🫠🥀 ~ S O N U 🫶

राख और धुआं: ज़िंदगी का आख़िरी सच

जिंदगी जला दी हमनें, जैसे जलानी थी.... अब धुएं पर तमाशा कैसा? और राख पर बहस कैसी? ~अज्ञात 🌼 लेखक को सहयोग दें ❤️ अगर यह रचना आपके दिल को छू गई, तो आप हमें सपोर्ट कर सकते हैं। Support via Razorpay

वीरान बस्ती: उदासी का सुकून

मेरी वीरान बस्ती को यूं ही वीरान रहने दो.... उल्लास रास नहीं आता, मुझे उदास रहने दो.... 🌘 लेखक को सहयोग दें ❤️ अगर यह रचना आपकी भावनाओं के करीब रही, तो आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। Support via Razorpay Securely powered by Razorpay

जीवन का ठहराव: एक उम्र के बाद

एक उम्र के बाद हमें, भागने से ज़्यादा... कहीं रुकना अच्छा लगता है! गति से ज़्यादा, ठहराव प्रिय लगता हैं! दुनिया घूमने से ज़्यादा घर में रहना ज़रूरी लगता हैं! किसी के आगे कहने से ज़्यादा, चुप रहना ठीक लगता हैं! सब कुछ पाने से ज़्यादा, जो है उसे बचाना सही लगता हैं! बाहर के शोर से ज़्यादा, भीतर का मौन सुनाई देता हैं! चमक से ज़्यादा, सरलता प्रभावित करती हैं! अतः अंत में आकर्षण के बजाय, प्रेम प्राथमिक लगने लगता हैं! ~अज्ञात 🌼 लेखक को सहयोग दें ❤️ अगर यह रचना आपके मन को शांत कर गई, तो आप हमें सपोर्ट कर सकते हैं। Support via Razorpay

Munkin Nahi Mera - Heart Touching Shayari by Sonu

मुमकिन नहीं मेरा.. पहले जैसी हो पाना... खुद को बहुत पीछे छोड़ आई हूं मैं....🍂🖤 किसी अजनबी से वास्ता निभाने के लिए.. कुछ अपनो को छोड़ आई हूं मैं....🍂🖤 किसी के दिल में रहने के लिए.. किसी का दिल तोड़ आई हूं मैं....🍂🖤 मुमकिन नहीं मेरा... पहले जैसी हो पाना... खुद को कहीं भूल आई हूं मैं....🍂🖤 ~ S O N U 🫶

ज़िंदगी की दास्तां: एक दर्दभरी पुकार

मै आज अपनी जिंदगी की दास्तां लिख रही हूं.. तुझ तक पहुंचने का कोई रास्ता लिख रही हूं.. मेरी ख़ुशी.. मेरी मोहब्बत सब कुछ छीन लिया गया मुझसे.. मै अपनी जिंदगी में हुआ, हर हादसा लिख रही हूं.. जिंदगी चार दिन की, वो भी ग़म भरी.. अब मै मौत से अपना कोई वास्ता लिख रही हूं... ✒️ लेखक को सहयोग दें ❤️ अगर मेरी कलम का दर्द आप तक पहुँचा हो, तो आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। Support via Razorpay सुरक्षित भुगतान | Razorpay द्वारा संचालित

कवि का दर्द: टूटा मुकद्दर

क्यों हर कवि की आँख में एक समंदर दिखा मुझे.. क्यों हर मिसरे में बिछड़ने का मंज़र दिखा मुझे.. जब जाना कि उन्होंने दर्द को ही साथी बनाया.. तो हर कविता में उनका टूटा मुकद्दर दिखा मुझे.. ✍️ लेखक को सहयोग दें ❤️ अगर मेरी रचनाएं आपके दिल को छूती हैं, तो आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। Support via Razorpay

Silent Love: A Deep Thought 🫶

मैं तो एक ख़्वाब हूं....🍁 इस ख्वाब से तू प्यार ना कर!!✨🫶 प्यार हो जाए तो उस प्यार का इज़हार ना कर...!!🫶✨🍁 लेखक को सहयोग दें ❤️ 💳 Support via Razorpay Sonki Thoughts

मैं अकिंचन, तुम महान: प्रेम का पूर्ण समर्पण

ये सोच के उसे छोड़ आया हूं... वो इतना प्यारा है मेरे साथ में बुरा लगेगा....🌼 मेरे साथ सिर्फ मेरे जैसे चलते हैं, वो उनकी भीड़ में जुदा लगेगा...🌼 किरदार वाकई बुरा है मेरा, वो मेरे साथ अच्छाई का खुदा लगेगा....🌼 वो सलीके से रहने वाला, मेरा रहन सहन उसे बेहूदा लगेगा....🌼 ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪 @sonkithoughts SUPPORT MY THOUGHTS

किरदार का सच: एक अधूरा त्याग

❃ मैं उपासिका, तुम राम, मैं मीरा, तुम श्याम, मैं कामना, तुम निष्काम, मैं बिंदु, तुम विराम, मैं श्रमिक, तुम विश्राम, मैं भ्रमित, तुम अभिराम, मैं पथ, तुम ग्राम, मैं प्राण, तुम आयाम, मैं तीर, तुम कमान, मैं विभीषिका, तुम निदान, मैं तप, तुम वरदान, मैं जीव, तुम भगवान, मैं जिज्ञासा, तुम समाधान, मैं आराधन, तुम ध्यान, मैं निर्बल, तुम बलवान, मैं अकिंचन, तुम महान, मैं कतरा, तुम जहान, मैं मन, तुम अंतर्धान!! ~ अज्ञात SUPPORT @SONKITHOUGHTS ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪

ज़िंदगी और खिलौने: निदा फ़ाज़ली की कलम से

🌼 यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें .... इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो..... ~ निदा फ़ाज़ली Support @sonkithoughts ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪

दृष्टिकोण: स्वयं की नज़र में निष्कलंक

◈ स्वयं की दृष्टि में निष्कलंक रहो.... दुनिया का तो दृष्टिकोण ही निकृष्ट है ।। ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪 Support My Work CONTRIBUTE VIA RAZORPAY

स्त्री और समाज: भावनाओं से देह तक

ना समझा जाता है... ना जाना जाता है... ना पढ़ा जाता है तुम्हारी भावनाओं को... बस देख कर देह का व्यापार कर दिया जाता है... दूसरी देह के साथ एक नई देह को जन्म देने के लिए... लेकिन तुमसे उम्मीदें ज़रूर रखी जाती की.. तुम सुनो... तुम समझो.... तुम जानो.... अगर आपको ये विचार पसंद आए, तो आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं: Support My Thoughts — @sonkithoughts