" आख़िरी अध्याय " मै अपनी कहानी के आखिरी अध्याय में स्वयं को हर सामाजिक बंधन से मुक्त लिखना चाहूंगी.. जहां कोई नाम.. कोई पहचान.. कोई परछाई.. मेरे अस्तित्व को परिभाषित न करें! जहां मै, सिर्फ मै रहूं! जहां सपनों की कोई सीमाएं न हो.. मै चाहती हूं मेरा आख़िरी अध्याय ऐसा हो.. जहां मै ख़ुदको इंसान लिखूं बिना किसी संबोधन के... __sonia 📋 Copy Shayari SUPPORT MY JOURNEY BY @SONKITHOUGHTS
शून्य से शिखर तक एकांत सुख हैं... एकांत दुःख है...!🫠🥀 एकांत में कुछ नही.... फिर भी एकांत सब कुछ है...!🫠🥀 __sonia 📋 COPY WORDS SUPPORT SONKI THOUGHTS EST. 2026 | @LAVKUSH
ये सोच के उसे छोड़ आया हूं... वो इतना प्यारा है मेरे साथ में बुरा लगेगा....🌼 मेरे साथ सिर्फ मेरे जैसे चलते हैं, वो उनकी भीड़ में जुदा लगेगा...🌼 किरदार वाकई बुरा है मेरा, वो मेरे साथ अच्छाई का खुदा लगेगा....🌼 वो सलीके से रहने वाला, मेरा रहन सहन उसे बेहूदा लगेगा....🌼 ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪 @sonkithoughts SUPPORT MY THOUGHTS
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें