🌼
यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें ....
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो.....
~ निदा फ़ाज़ली
~ 𝙨𝙤𝙣𝙪
यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें ....
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो.....
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें