कवि की अंतरात्मा
क्यों हर कवि की आँख में एक समंदर दिखा मुझे..
क्यों हर मिसरे में बिछड़ने का मंज़र दिखा मुझे..
जब जाना कि उन्होंने दर्द को ही साथी बनाया..
तो हर कविता में उनका टूटा मुकद्दर दिखा मुझे..
क्यों हर मिसरे में बिछड़ने का मंज़र दिखा मुझे..
जब जाना कि उन्होंने दर्द को ही साथी बनाया..
तो हर कविता में उनका टूटा मुकद्दर दिखा मुझे..
~अज्ञात ✒️
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