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Gita Saar Chapter 1, Verse 22: युद्ध से पहले अर्जुन का शत्रुओं का निरीक्षण | Translation in 5 Languages

✨ Shrimad Bhagavad Gita Series ✨
Chapter 1, Verse 22

📺 श्लोक की सरल व्याख्या देखें:

यावदेतान्निरीक्षेऽहं योद्धुकामानवस्थितान् |
कैर्मया सह योद्धव्यमस्मिन् रणसमुद्यमे || २२ ||

🇮🇳 हिंदी अनुवाद:

(हे अच्युत!) जब तक मैं युद्ध की इच्छा रखने वाले इन उपस्थित योद्धाओं को भली-भांति देख न लूँ, कि इस युद्ध के उद्योग में मुझे किन-किन के साथ युद्ध करना योग्य है। [00:00:43]

🚩 मराठी अनुवाद:

(हे अच्युता!) जोपर्यंत मी युद्धाच्या इच्छेने इथे जमलेल्या या सैनिकांना नीट पाहत नाही, तोपर्यंत माझा रथ येथेच राहू दे. मला हे पाहायचे आहे की या युद्धात मला कोणाशी लढायचे आहे।

🌵 राजस्थानी सार:

हे प्रभु! जणा तक मैं अणा लोगां ने नीं देख लूँ जका लड़ाई करण ने आया है, म्हारो रथ ईं जगा ही खड़ो राखो। मने देखणो है कि मने कणा-कणा स्यूं लड़नो है।

🇵🇰 اردو ترجمہ:

جب تک میں ان لوگوں کو نہ دیکھ لوں جو جنگ کی خواہش میں یہاں موجود ہیں، اور یہ جان لوں کہ اس جنگ میں مجھے کن سے مقابلہ کرنا ہے۔

🇬🇧 English Translation:

(O Achyuta!) Let me see those who are standing here with a desire to fight, so that I may know with whom I must contend in this great enterprise of war.

📝 हिंदी व्याख्या (Summary):

इस श्लोक में अर्जुन की युद्ध से पहले की सतर्कता दिखाई देती है। अर्जुन यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे किसके खिलाफ लड़ रहे हैं और कौन-कौन से योद्धा दुर्योधन के पक्ष में युद्ध करने आए हैं। यह जीवन का एक महान सबक है: किसी भी बड़ी समस्या या 'युद्ध' का सामना करने से पहले उसका गहन विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है। [00:01:00]

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