सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Love vs. Business: क्यों प्रेम में मोल-भाव संभव नहीं है?

Spiritual Wisdom

The Triangle
Of Love

"स्वामी विवेकानंद के तीन कोण "

SCROLL TO EXPLORE

विवेकानंद जी कहते हैं कि वास्तविक प्रेम एक त्रिकोण है। आइए इसे 'कोहबर की शर्त' (नदिया के पार) की महागाथा के उदाहरणों से समझते हैं।

01

प्रेम सौदा नहीं करता

"Love knows no bargain." सच्चा प्रेम बदले में कुछ नहीं माँगता।

Story Example: उनका एक प्रसिद्ध विचार है कि प्रेम हमेशा देने वाला होता है, लेने वाला नहीं। जो हाथ फैलाकर कुछ मांग रहा है, वह प्रेम नहीं कर रहा, वह याचना कर रहा है। उनके शब्दों में:

"प्रेम का अर्थ ही है त्याग। यदि आप बदले में कुछ चाहते हैं, तो आप प्रेम नहीं कर रहे, आप व्यापार कर रहे हैं।

"

02

प्रेम में भय नहीं होता

"Love knows no fear." डरा हुआ व्यक्ति प्रेम नहीं कर सकता।

Story Example: सच्चे प्रेम में डर के लिए कोई जगह नहीं होती। विवेकानंद जी का मानना था कि हम अक्सर ईश्वर से भी डर के कारण प्रार्थना करते हैं (जैसे नरक का डर या सजा का डर)। उन्होंने कहा कि जब तक मन में भय है, तब तक "सौदा" चल रहा है। जिस दिन डर खत्म होगा, उसी दिन वास्तविक प्रेम शुरू होगा।


03

प्रेम स्वयं ही फल है

"Love knows no rival." प्रेमी के लिए उसका प्रेम ही सबसे बड़ा ईनाम है।

The Climax: विवेकानंद के अनुसार, प्रेम का फल खुद प्रेम ही है। जैसे हम ताजी हवा में सांस लेते हैं क्योंकि वह जरूरी है, वैसे ही आत्मा के लिए प्रेम जरूरी है। इसके लिए किसी स्वर्ग या इनाम की लालसा रखना प्रेम को अशुद्ध कर देता है।

सरल शब्दों में: विवेकानंद जी हमें सिखाते हैं कि प्रेम में 'स्वार्थ' का रत्ती भर भी स्थान नहीं होना चाहिए।

आपको यह प्रस्तुति कैसी लगी?

BE THE FIRST TO REVIEW

अगला लेख पढ़िए

SONKI THOUGHTS

Wisdom. Literature. Soul.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

The Last Chapter: A Journey Beyond

" आख़िरी अध्याय " मै अपनी कहानी के आखिरी अध्याय में स्वयं को हर सामाजिक बंधन से मुक्त लिखना चाहूंगी.. जहां कोई नाम.. कोई पहचान.. कोई परछाई.. मेरे अस्तित्व को परिभाषित न करें! जहां मै, सिर्फ मै रहूं! जहां सपनों की कोई सीमाएं न हो.. मै चाहती हूं मेरा आख़िरी अध्याय ऐसा हो.. जहां मै ख़ुदको इंसान लिखूं बिना किसी संबोधन के... __sonia 📋 Copy Shayari SUPPORT MY JOURNEY BY @SONKITHOUGHTS

Ekant hi Sukh Hai - Deep Shayari by Sonu

शून्य से शिखर तक एकांत सुख हैं... एकांत दुःख है...!🫠🥀 एकांत में कुछ नही.... फिर भी एकांत सब कुछ है...!🫠🥀 __sonia 📋 COPY WORDS SUPPORT SONKI THOUGHTS EST. 2026 | @LAVKUSH

मैं अकिंचन, तुम महान: प्रेम का पूर्ण समर्पण

ये सोच के उसे छोड़ आया हूं... वो इतना प्यारा है मेरे साथ में बुरा लगेगा....🌼 मेरे साथ सिर्फ मेरे जैसे चलते हैं, वो उनकी भीड़ में जुदा लगेगा...🌼 किरदार वाकई बुरा है मेरा, वो मेरे साथ अच्छाई का खुदा लगेगा....🌼 वो सलीके से रहने वाला, मेरा रहन सहन उसे बेहूदा लगेगा....🌼 ~ 𝙨𝙤𝙣𝙪 @sonkithoughts SUPPORT MY THOUGHTS